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Thursday, February 20, 2020

पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल

तो नमस्ते दोस्तों मेरा नाम "अमन गुप्ता" है और मैं आप सभी लोगों का अपने इस ब्लॉग वेबसाइट पर स्वागत करता हूं  |

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तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में मैं आप सभी लोगों को बताऊंगा कि "पंडित दीनदयाल उपाध्याय'' कौन है

कौन है? पंडित दीनदयाल उपाध्याय

25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में जन्मे ''पंडित दीनदयाल उपाध्याय'' के पिता ''भगवती प्रसाद उपाध्याय'' भारतीय रेलवे विभाग में नौकरी कर चुके थे, इनकी माता ''रामप्यारी'' गृहिणी के रूप में परिवार का देखभाल करती थी, दीनदयाल के माता-पिता बहुत धार्मिक प्रवृत्ति के थे, रेलवे में नौकरी के कारण इन्हें अक्सर घर से बाहर ही रहना पड़ता था, जब इनको छुट्टी मिलती थी, तो वह घर आते और इसके बावजूद इनकी माता पिता ने बच्चों को बेहतर पालन पोषण किया था |

दीनदयाल जी  के छोटे भाई का नाम ''शिवदयाल'' था, उनके पिता ने पति पत्नी और बच्चों को मायके भेज दिया दीनदयाल के नाना भी रेलवे विभाग में स्टेशन मास्टर पद पर कार्यरत थे दीनदयाल अपने ममेरा मुसलमानों के साथ पले बढ़े महज 3 साल की उम्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पिता का देहांत हो गया पिता की मौत के बाद इनकी माता को भी गंभीर धक्का लगा जिसकी वजह से वह कभी भी बीमार हो रहने लगी बीमारी के कारण ही सा 7 साल की छोटी उम्र में ही दीनदयाल किसी से माता का भी साया उठ गया |

इनके नाम पर है एक स्टेशन और अस्पताल 

तू दोस्तों जैसा कि आप सभी लोगों को पता होना चाहिए, कि ''पंडित दीनदयाल उपाध्याय'' के नाम पर एक स्टेशन भी है, उस स्टेशन का नाम ''मुगलसराय स्टेशन'' जो कि चंदौली में पड़ता है, यह स्टेशन मुगलसराय के नाम से था लेकिन हमारे माननीय मुख्यमंत्री ''आदित्य योगी नाथ'' जी ने मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर ''पंडित दीनदयाल उपाध्याय'' स्टेशन रख दिया है |

और दोस्तों ''पंडित दीनदयाल उपाध्याय'' के नाम पर एक हॉस्पिटल भी है |  वाराणसी में यह हॉस्पिटल बहुत बड़ा है और यह एक सरकारी हॉस्पिटल है जिसमें आप सभी लोगों को निशुल्क इलाज होगा इस अस्पताल का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर रखा गया है जो कि वाराणसी में स्थित है |

पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल 

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित पड़ाव स्थान पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 63 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, कि इनकी आत्मा हमें हमेशा प्रेरणा देती है,

कि अंतिम पायदान के व्यक्ति को पहली पंक्ति में खड़ा करने का प्रयास जारी है उनके दिखाएं अंत्योदय के मार्ग से 21 वीं सदी का भारत प्रेरणा ले रहा है, सीएम पीएम मोदी ने कहा कि 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था में पर्यटन का अहम हिस्सा है भारत के पास हेरिटेज टूरिज्म के बहुत बड़ी ताकत है काशी सहित आस्था आस्था से जुड़े तमाम स्थानों को नई तकनीक का उपयोग करके विकास विकसित किया जा रहा है पर्यटन आधारित रोजगार में काशी और आसपास के क्षेत्रों में अपार संभावना है इस दौरान राज्यपाल देवेन पटेल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे रेलवे मंत्री सुरेश उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नीलकंठ तिवारी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह संगठन महामंत्री सुनील बंसल मौजूद थे |


तो दोस्तों मैं उम्मीद करता हूं कि आप सभी लोगों को मेरा यह पोस्ट पसंद आया होगा अगर आपको मेरा यह पोस्ट पसंद आया तो प्लीज इसे अपने दोस्तों में साथ शेयर जरूर कीजिएगा और इसी तरह का पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे वेबसाइट को एक बार गूगल पर विजिट जरूर कीजिएगा
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